Biography

कौन है बिल गेट्स और कैसे बने वो दुनिया के सबसे अमीर आदमी

विश्व की औद्योगिक कंपनियों की सूची में शीर्ष दस में शामिल माइक्र्रोसोफट के सह-संस्थापक बिल गेटस (Bill Gates) का जन्म 28 अक्टूबर 1955 को हुआ। एक अमेरिकी बिजनेस मैग्नेट, सॉफटवेयर डेवलपर और परोपकारी व्यक्ति बिल गेटस ने माइक्रोसॉफट में अपने करियर के दौरान, अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अध्यक्ष और मुख्य सॉफटवेयर वास्तुकार के पदां को संभाला। किशोरावस्था के दौरान 13 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला सॉफटवेयर प्रोग्राम लिखा। गेटस का परिवार चाहता था कि वे कानून की पढ़ाई करें, लेकिन इसके इतर गेटस ने जीई सिस्टम की बेसिक प्रोग्रामिंग मे रूचि ली। इसी मशीन पर उन्हेंने अपना पहला टिक-टैक-टो नामक कम्प्यूटर प्रोग्राम लिखा। अपनी रूचि को आगे बढ़ाते हुए उनकी दिलचस्पी कम्ूप्यूटर सेंटर कॉपोर्रेशन से संबंधित पीडीपी-10 पर गई जहां उन्होनें अपने दोस्तों के साथ इसके संचालन में बग की समस्या को पकड़ा जिसके कारण उन्हें प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। पर आगे बढ़ते हुए प्रतिबंध के बाद इन छात्रों ने सीसीसी के सॉफटवेयर में बग ढूढंने की पेशकश की। इन्ही छात्रों ने पैसे कमाने के लिए लेकसाइड प्रोग्रामर्स क्लब का गठन किया। स्कूल की शिक्षा पूरी कर गेटस ने अपनी प्रतिभा के दम पर हार्वर्ड कॉलेज में दाखिला लिया। पर दो साल बाद उन्होंने हार्वर्ड छोड़ दिया। पर वह रूके नहीं, गेटस ने एक हल के रूप में पैनकेक के लिए एक एल्गोरिथ्म तैयार किया, जो कि अनसुलझी समस्याओं की एक श्रृंख्ला के समाधान के रूप में प्रोफेसर हैरी लैविस द्वारा एक संयोजन श्रेणी में प्रस्तुत किया गया था। उनके इस समाधान को औपचारिक रूप से प्रकाशित किया गया और हार्वर्ड के कंप्यूटर वैज्ञानिक क्र्रिस्टोस के सहयोग से प्रकाशित किया गया।

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Bill gates aur kaise bane wo duniya ke sabse amir waykti ?

गेटस (Bill Gates) ने अपने साथी एलेन के साथ एमआईटीएस में काम किया। गेटस और एलेन को उनके उच्च विद्यालय के सहयोगी रिक वेइलैंड ने काम पर रखा था। उन्होंने एक साल के भीतर हाइफन को गिरा दिया और 26 नवंबर 1976 को न्यू मैक्सिको के राज्य सचिव के साथ अधिकारिक रूप से माइक्र्रोसॉफट नाम पंजीकृत किया। पढ़ाई पूरी करने के लिए गेटस कभी हार्वर्ड नहीं लौटे। माइक्र्रोसॉफट 1976 के अंत में एमआईटीएस से स्वतंत्र हो गया, और इसके विभिन्न प्रणालियों के लिए प्रोग्रामिंग भाषा सॉफटवेयर विकसित करना जारी रखा। 1 जनवरी, 1979 को कंपनी अल्बूकर्क से बेलव्यू, वाशिंगटन चली गई। कंपनी इस क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में तब सामने आई जब उसने आईबीएम-संगत पीसी बनाकर, डॉस चलाने के एक वास्तविक मानक बनाया यानि एम-डोस आईबीएम के अलावा अन्य ग्राहकों को बेचे जाने वाले डीओएस का संस्करण। इसी की बिक्र्री ने माइक्र्रोसॉफट को एक प्रभावशाली कंपनी के रूप में खड़ा किया।

25 जून, 1981 को माइक्र्रोसॉफट कंपनी का गेटस द्वारा पुनर्गठन कर कंपनी का अध्यक्ष और पाल्ॅा एलेन को उपाध्यक्ष बनाया गया। माइक्र्रोसॉफट ने 20 नवंबर, 1985 को माइ्रोसॉफट विंडो का अपना पहला खुदरा संस्रकण लांच किया। माइक्र्रोसॉफट के शुरूआती वर्षो के दौरान गेटस एक सक्रिय सॉफटवेयर डेवलपर थे, विशेष रूप से कंपनी की प्रोग्रामिंग भाषा उत्पादों में, लेकिन कंपनी के अधिकांश इतिहास में उनकी प्राथमिक भूमिका एक प्रबंधक और कार्यकारी के रूप में थी। जून 2006 में गेटस ने अपने कार्यो के प्रति अधिक समर्पित होने के चलते अपने कार्य को बांट दिया और दो उत्तराधिकारियों, रे ओजी को प्रंबधन के प्रभारी और क्रेग मुंडी को दीर्घकालिक उत्पाद रणनीति के प्रभारी के रूप में रखा। साल 2014 में उन्होंने माइ्रोक्रसॉफट के अध्यक्ष के रूप में कदम रखा। साल 2020 गेटस द्वारा जलवायु परिवर्तन और उर्जा तक वैश्विक पहुंच को अहम मुददों के रूप में देखा गया

बिल और मेलिंडा गेटस को 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया।साल 2004,05 व 2006 में टाइम पत्रिका द्वारा गेटस को विश्व के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया। फोर्ब्स द्वारा गेटस को साल 2012 में दुनिया के चौथे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति के रूप में स्थान दिया गया।2015 में, गेटस और उनकी पत्नी को देश में उनके सामाजिक सम्मान के लिए भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पदम भूषण दिया गया।

निजी जिंदगी पर नजर डाले तो साल 1994 में गेटस ने लानई हवाई द्वीप पर एक गोल्फ कोर्स में मेलिंडा फें्रच से शादी की। वे तीन बच्चां के पिता बने। गेटस ने पिछले 23 वर्षो में से 18 में विश्व के अरबपतियों की सूची में शीर्ष स्थान पर कब्जा किया है। माइ्र्रोसॉफट के अतिरिक्त गेटस के कई अन्य निवेश भी है। इसके अतिरिक्त 1989 में उन्होंने एक डिजिटल इमेजिंग कंपनी कॉर्बिस की स्थापना की। 2004 में, वह लंबे समय के मित्र वॉरेन बफेट की अध्यक्षता वाली निवेश कंपनी बर्कशायर हैथवे के निदेशक बन गए। बिल गेटस विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में पिछले साल चौथे स्थान पर रहें। बिल और मेलिंडा गेटस फाउंडेशन द्वारा किए गए सामाजिक कार्यो के चलते वे अपनी अधिकतर संपति को दान करने के कारण सूची में पहले स्थान से नीचे चले गए। हालांकि, उनकी सादगी और प्रभावशाली व्यक्तित्व के कारण विश्व भर के देशों में कई सम्मान पा चुके है। बिल और मेलिंडा गेटस फाउंडेशन की माध्यम से विभिन्न धर्मार्थ संगठनों और वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए बड़ी मात्रा में धन दिया है जो दुनिया का सबसे बड़ा निजी दान बताया गया है। गेटस और बारेन बफेट द गिविंग प्लेज की स्थापना की गई जिसमें वे और अन्य अरबपति अपनी कम से कम आधी संपत्ति परोपकार के लिए दान देने का वचन देते है।

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